Articles

नाम

मैने सवाल करना छोड़ दिया है हर बात पर क्यूँ कहना हर बात का कारण जानने कि कोशिश अब इनमें से कुछ नही करती. इस खुजली कि खुरचन से ये सब सवाल पैरों में बहुत चुभते थे आँखों में ख़टकते ... Read more

नज़्म उतरना चाहती है

नज़्म उतरना चाहती है पर लिखें क्या? हर बात खुद को दोहराती है हर लफ्ज़ वही सब कहता है कि अब भी वक़्त वहीं ठहरा है वही पल अब तक बीत रहा है कुछ छम छम करता है अब भी ... Read more

चलो चाँद नापते हैं

चलो चाँद नापते हैं तुम ज़रा सूरज वाली और चलना मैं ज़मीन की तरफ का सिरा पकड़ती हूँ देखो आँखें ना भींच लेना रास्ते में बहुत रोशनी है आगे ज़रा सा रास्ता भूले तो किसी उल्का में फँस जाओगे फिर ... Read more

दर्द

दर्द किसी बच्चे से कम तो नहीं! दिन भर जिस्म की धूप में खेलता रहता है. कभी टकरा जाता है किसी दीवार से तो या फिर गिर ही जाय ये अगर तो खरोंच इसे लगती है और टीस मुझे होती ... Read more